बंदर चढा है पेड पर... Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps By इरफ़ान - May 22, 2008 बंदर चढ़ा है पेड़ पर करता टिली-लिली...सुनिये दिनेश कुमार शुक्ल की एक और कविता. दिनेश जी की एक कविता आप यहां पहले भी सुन चुके हैं.यहां प्ले को चटकाएं और कविता सुनें. Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments सतीश पंचम said… वाह , दिल खुश कर दिया...बहुत खूब। सीधे सरल शब्द और सरल प्रस्तुतिकरण ....जारी रखें। मैथिली गुप्त said… पी छाछ हमने फूंक कर फिर जीभ क्यों जली!शानदार सतीश पंचम said… आज फिर ईसे सुना....क्या कहूं....फिर मजा आ गया..हर लाईन से बहुत पुख्ता बात कह रहे हैं, दिनेशजी की कोई और रचना हो तो उसे भी सुना दिजिऐ...अच्छा लगा।
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शानदार