Thursday, May 22, 2008

नंगी आवाज़ें


मंटो की कहानियाँ मेहनतकश जनता के मनोजगत का दस्तावेज़ भी हैं. सुनिये नंगी आवाज़ें और महसूस कीजिये उस मानवीय करुणा का ताप, जिसे बाहर रहकर पेश कर पाना बडे जिगरे का काम है.

शुरुआत में आवाज़ें अरशद इक़बाल और मुनीश की हैं.

क़िस्सागो: इरफ़ान

Duration: 20 Min.


1 comment:

शायदा said...

बस कमाल ही कर रहे हैं आप,