Thursday, June 5, 2008

एक दिन आता है!


सुनिये रघुवीर सहाय की कविता "एक दिन आता है"। आवाज़ इरफ़ान की है। अवधि एक मिनट।
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इमेज: साभार किमतेलास

5 comments:

Udan Tashtari said...

अच्छा लगा सुनना.

शायदा said...

अच्‍छा लगा बार-बार सुनना।

Pratyaksha said...

बढ़िया ..

Satish Yadav said...

आखरी पंक्ति - वो संघर्श जो नहीं किऐ ..हिसाब मांगते हैं...बहूत अच्छे लगे , वैसे पूरी कविता ही अच्छी है ।

bavaal said...

Are bhaisaheb laut ke bhee aaoge ke nahin ? Itna lamba intzaar karana munasib nahin.