Sunday, August 3, 2008

चले गए राजीव सक्सेना

यहाँ भारत में f. m रेडियो के कद्रदानों के लिए आज एक बुरी ख़बर है । दिल्ली से प्रसारित f m gold चैनल के हरदिल अज़ीज़ एंकर राजीव सक्सेना का इतवार की दोपहर इंतक़ाल हो गया । अभी उम्र के चालीसवें दशक को भी पूरा न कर सके इस बेहद लोकप्रिय फनकार को कुछ दिन बाद ओलंपिक खेलों की लाइव कवरेज के लिए पेचिंग {चीन} जाना था । कार्यक्रमों में चुस्ती-फुर्ती बनाये रखते हुए शालीनता किस तरह बरक़रार रखी जाए इस मायने में वो एक स्कूल का दर्जा रखते थे । इरफान ये ख़बर सुन कर इतने सकते में हैं की कुछ कहते ,लिखते नहीं बन पा रहा है । उनसे क़रीबी रिश्ते के अलावा जो बात और ज़ियादा परेशान करती है वो ये के अभी महज़ पन्द्रेह रोज़ पहले इरफान ने अपने ब्लॉग टूटी हुई बिखरी हुई पर जब उनसे हुई एक पुरानी बातचीत जारी की तो सपने में भी ये सोच पाना नामुमकिन था के इतनी जल्दी वो अपने चाहने वालों को छोड़ कर चले जायेंगे । आर्ट ऑफ़ रीडिंग की और से उन्हें श्रद्धांजली ।

8 comments:

विनय प्रजापति 'नज़र' said...

मुझे यह जानकर बहुत दुखी महसूस कर रहा हूँ, मेरी तरफ़ से उन्हें सच्चे हृदय से श्र्द्धांजलि!

महेन said...

भाई मुनीश, राजीव जी तो जाना-पहचाना नाम हैं। उनका इस तरह अचानक चले जाना सचमुच दुखद है। उनकी आत्मा की शांति के लिये प्रार्थना करता हूँ।

डॉ. अजीत कुमार said...

अभी कुछ दिन पहले ही तो राजीव जी से इरफ़ान जी की मुलाकात की recording सुन रहा था....
ओह....
गहरा दर्द भर गया दिल में.

विजयशंकर चतुर्वेदी said...

अरे !!!!!!!!!!!

mahashakti said...

ईश्‍वर मृतात्‍मा को शान्ति प्रदान करें।

Ashok Pande said...

अफ़सोस.

yunus said...

मुनीष आज एकदम सबेरे सबेरे विविध भारती में छिब्‍बर जी ने ये ख़बर सुनाई । तब से हम सब एकदम सकते में हैं । राजीव हमारे समय के एक अत्‍यंत महत्‍त्‍वपूर्ण ब्रॉडकास्‍टर थे । राजीव का यूं अचानक चले जाना एक जबरदस्‍त झटका है । समझ में नहीं आ रहा है क्‍या कहूं ।

sanjay joshi said...

बहुत बुरी खबर .