Saturday, March 3, 2012

बंद खिड़कियों से टकराकर


गोरख पांडेय की कविता पूनम श्रीवास्तव की आवाज़ में.



जन संस्कृति मंच द्वारा जारी ऑडियो बुक 'आएंगे अच्छे दिन' से.

2 comments:

डॉ दुर्गाप्रसाद अग्रवाल said...

विचलित कर देने वाला पाठ. पूनम जी को सलाम करता हूं. यह ऑडियो बुक कहां से मिल सकती है?

आशुतोष उपाध्याय said...

वाह, बहुत सुन्दर...!