Sunday, August 10, 2008

मोहब्बत के रंग: रसीदी टिकट से एक और हिस्सा



अमृता प्रीतम का प्यार कितनी तहों से झाँकता है और कितनी परतें उसे ढँकने आती हैं...ये बात रसीदी टिकट पढते हुए बख़ूबी समझी जा सकती है...एक पिछडे और वर्जनाओं से भरे समाज में अमृता प्रीतमों की शरणगाह शब्द हैं जो साहित्य होकर भी साहित्य की मान्यताओं के सामने रोडे अटकाते हैं. सुनिये सज्जाद ज़हीर से अमृता प्रीतम की वाबस्तगी का दर्द-

Friday, August 8, 2008

सुनिये अमृता प्रीतम की किताब रसीदी टिकट के एक हिस्से का बचा हुआ हिस्सा



शायदा ने एक नया ब्लॉग शुरू किया है और इस ब्लॉग पर पहली पोस्ट इमरोज़ से मुलाक़ात के बारे में लिखी है. हमने अमृता प्रीतम की किताब रसीदी टिकट का जो हिस्सा यहाँ पेश किया था उसका बचा हुआ हिस्सा पेश करने का यह माक़ूल वक़्त है. सुनिये

Sunday, August 3, 2008

चले गए राजीव सक्सेना

यहाँ भारत में f. m रेडियो के कद्रदानों के लिए आज एक बुरी ख़बर है । दिल्ली से प्रसारित f m gold चैनल के हरदिल अज़ीज़ एंकर राजीव सक्सेना का इतवार की दोपहर इंतक़ाल हो गया । अभी उम्र के चालीसवें दशक को भी पूरा न कर सके इस बेहद लोकप्रिय फनकार को कुछ दिन बाद ओलंपिक खेलों की लाइव कवरेज के लिए पेचिंग {चीन} जाना था । कार्यक्रमों में चुस्ती-फुर्ती बनाये रखते हुए शालीनता किस तरह बरक़रार रखी जाए इस मायने में वो एक स्कूल का दर्जा रखते थे । इरफान ये ख़बर सुन कर इतने सकते में हैं की कुछ कहते ,लिखते नहीं बन पा रहा है । उनसे क़रीबी रिश्ते के अलावा जो बात और ज़ियादा परेशान करती है वो ये के अभी महज़ पन्द्रेह रोज़ पहले इरफान ने अपने ब्लॉग टूटी हुई बिखरी हुई पर जब उनसे हुई एक पुरानी बातचीत जारी की तो सपने में भी ये सोच पाना नामुमकिन था के इतनी जल्दी वो अपने चाहने वालों को छोड़ कर चले जायेंगे । आर्ट ऑफ़ रीडिंग की और से उन्हें श्रद्धांजली ।